
Wo Hadon Ke Paar Kisi Aur Ke Sath
About the Book
कविता संग्रह फूलों के गुलदस्ते की तरह होता है। मेरे इस संग्रह में मेरे दिल की अनेक प्रेरणाएँ, अनुभूतियाँ और भावनाएँ हैं। खुद को व्यक्त करना और प्रकृति से साक्षात्कार करना अद्भुत होता है। सुखद होता है।
संग्रह का प्रारंभ महात्मा बुद्ध के बोधिसत्व स्वरूप की आराधना है। हमारे देश की विभिन्न आपदाओं, संकीर
कविता संग्रह फूलों के गुलदस्ते की तरह होता है। मेरे इस संग्रह में मेरे दिल की अनेक प्रेरणाएँ, अनुभूतियाँ और भावनाएँ हैं। खुद को व्यक्त करना और प्रकृति से साक्षात्कार करना अद्भुत होता है। सुखद होता है।
संग्रह का प्रारंभ महात्मा बुद्ध के बोधिसत्व स्वरूप की आराधना है। हमारे देश की विभिन्न आपदाओं, संकीर्णताओं का चित्रण भी प्रस्तुत किया है।
जीवन की उन्मुक्तता का आभास भी है मेरी इन कविताओं में। किसी को पाने की चाह जो हदों तक अदृश्य है। ' अविरल गाथा प्रेम की ' कविता में लिखा गया एक प्रेमपत्र है। समर्पण की पराकाष्ठा इस कविता संग्रह में है।
दुनिया में चलते हुए ज्ञात होता है कि हम किसके साथ चल रहे हैं; क्या उसका मन हमारे साथ है...? या कोसों दूर...? और हम अपने जीवन की राह में कितने अकेले हो जाते हैं। किसी के साथ होते हुए भी।
आशा करती हूँ आपको पसंद आयेंगी। अपनी तल्खी, अपनी आस्था, अपने जन्मों की दास्ताँ कुछ इस कदर इन पंक्तियों में सजायी हैं, खिदमत में आपकी।
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